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डोलिचोस (Dolichos Lablab), जिसे सामान्यतः सेम फली या जलकुंभी बीन (Hyacinth Bean) के रूप में जाना जाता है, एक पौष्टिक और लोकप्रिय सब्जी है, विशेष रूप से भारत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में।
यहाँ डोलिचोस/सेम फली की सब्जी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है:
1. सामान्य नाम (Common Names):
हिंदी: सेम फली, डोलिचोस बीन, सेम, जपा सेम।
अन्य नाम: हायसिंथ बीन (Hyacinth Bean), बोनाविस्ट बीन।
2. पोषण संबंधी जानकारी (Nutritional Value per 100g):
डोलिचोस की हरी फली पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है:
कार्बोहाइड्रेट: 6.7 ग्राम
प्रोटीन: 3.8 ग्राम (हरी फली में)
आयरन: 1.7 मिलीग्राम
फास्फोरस: 68.0 मिलीग्राम
कैल्शियम: 210 मिलीग्राम
फाइबर: 1.8 ग्राम
विशेषता: इसकी पत्तियों में शुष्क भार के आधार पर 28% तक प्रोटीन होता है।
3. सब्जी के रूप में उपयोग (Culinary Uses):
हरी फली: युवा और कोमल फलियों का उपयोग सब्जी (भुजिया, रसेदार सब्जी) बनाने के लिए किया जाता है।
बीज: परिपक्व बीजों का उपयोग दाल या अंकुरित करके (Sprouts) भी किया जाता है।
पत्तियाँ और फूल: इन्हें भी पकाकर खाया जा सकता है।
4. स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits):
यह आयरन का अच्छा स्रोत है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है।
उच्च फाइबर और प्रोटीन सामग्री के कारण पाचन और समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।
5. खेती और प्रकार (Cultivation & Types):
यह एक बहुत पुरानी फसल है जो एशिया और अफ्रीका में उगाई जाती है।
यह एक लतादार पौधा है जिसे सहारा (Trellis) की आवश्यकता होती है, हालांकि कुछ झाड़ीदार किस्में भी होती हैं।
यह गर्म जलवायु में अच्छी तरह बढ़ती है।
6. डोलिचोस के अन्य उपयोग:
यह सब्जी के साथ-साथ पशु चारा और हरी खाद के रूप में भी उपयोग किया जाता है।
संक्षेप में, डोलिचोस (सेम फली) एक अत्यधिक पौष्टिक और बहुमुखी सब्जी है जिसे भारतीय रसोई में आसानी से शामिल किया जा सकता है।